नालंदा परिसर निर्माण में कथित अनियमितताओं पर भड़का विवाद, बिना भूमि आवंटन शुरू हुए कार्य के खिलाफ जिला कांग्रेस का मोर्चा—कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में उग्र आंदोलन की चेतावनी.
प्रशासन के खिलाफ तेज होगा आंदोलन, बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी

पेंड्रा। नगर पालिका परिषद पेंड्रा के वार्ड क्रमांक 12 में प्रस्तावित नालंदा परिसर लाइब्रेरी निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि बिना विधिवत भूमि आवंटन के ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है और जिला कांग्रेस कमेटी ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
भूमि आवंटन प्रक्रिया अधूरी, फिर भी निर्माण जारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नालंदा परिसर के निर्माण के लिए राज्य शासन द्वारा जारी निविदा में खसरा क्रमांक 2379/1 से लगभग एक एकड़ भूमि का उल्लेख किया गया है। वर्तमान में इस भूमि पर हाई स्कूल का आम बगीचा स्थित है, जो शिक्षा मद में दर्ज है। इस भूमि के आबंटन की प्रक्रिया अभी विचाराधीन है और इसके लिए नगर पालिका द्वारा कलेक्टर को 98 डिसमिल भूमि आवंटन हेतु पत्र प्रेषित किया गया है।
खसरा नंबर बदलकर निर्माण कराने का आरोप

स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मिंज द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए खसरा क्रमांक 2370 में निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया है, जबकि निविदा में उल्लिखित भूमि अलग है। इसे प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही और गड़बड़ी बताया जा रहा है।
4.29 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल

करीब 4.29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस नालंदा परिसर के लिए शांत क्षेत्र (Silent Zone) और पर्याप्त भूमि का होना अनिवार्य है। लेकिन विवाह भवन के समीप निर्माण प्रस्तावित होने से स्थानीय नागरिकों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि इस स्थान पर लाइब्रेरी निर्माण से शांति भंग होगी और यह स्थल इसके लिए उपयुक्त नहीं है।
स्थानीय नागरिकों का विरोध, काम रोकने की मांग
निर्माण स्थल पर पहुंचकर नगरवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और कार्य को तत्काल रोकने की मांग की। लोगों का आरोप है कि बिना पूरी प्रक्रिया और अनुमति के कार्य शुरू करना नियमों के विरुद्ध है तथा इसमें बड़े स्तर पर अनियमितता की आशंका है।
राजनीतिक मोर्चा गरमाया, आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा गलत जानकारी देकर विवाद उत्पन्न किया जा रहा है और जनहित की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी चिंता
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष और बढ़ गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है या मामला और अधिक तूल पकड़ता है।









